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तस्वीर के पीछे छिपी करोड़ो लोगों की भावनाऐं कलाकार रवि रवराज की ज़ुबानी

सदा शब्दों के पीछे छुपी भावनाओं की बात करने वाली आज मैं, निशब्द भावनाओं को पढ़ने में ऐसी खो गयी कि निशब्द हो गयी। पिछले दिनों वायरल हुयी ये तस्वीर देखकर। शब्द ही नही रंग भी कई भावनाओं को समेटे होते हैं। ये बात आज समझ आयी। एक बेहतरी कलाकार रवि रवराज ने ये तस्वीर बनायी जिसमें बिना एक शब्द लिखे उन्होने सब लिख दिया। जिसे वो शब्द दिखे वो समझा और देश के भविष्य के प्रति चिंतित हो मन ही मन रोया, जिसे नही दिखा वो सत्ता की चकाचैध में खोया। आगे आप खुद ही समझदार हैं।

कलाकाल के मन में ये तस्वीर बनाते हुये क्या रहा होगा? सवालों के किस बवंडर में वह फंसा होगा? मन में क्या पीड़ा रही होगी ये रंग केन्वस पर बिखेरते हुये?

रवि रवराज के इस सफर को मेरी दोस्त वनिता खन्ना उर्फ गिफटी अटवाल और उनके जीवन साथी जे बी सिंह अटवाल ने अपने कैमरे में कैद किया। ताकि उस कालाकार की भवनाऐं आजाद हो सके। उस तक सिमटी उसकी सोच लाखो करोड़ों तक पहुंच सके।

Ravi Ravraj | Kankaa Di Lori | Ravi Ravraj Life Story | Wadhde Kadam





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