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We Support Farmers

ये आंसू नहीं सैलाब है 
जो बहना भी जानते हैं
और बहाकर ले जाना भी
यह नीचे  गिरती नदी नहीं 
दिल की आह से आया सैलाब है
जो  तबाह कर देगा 
तेरी  'मैं' और तेरा 'सब'

© Penned by : IG/@ruchikasachdeva_

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